नैनीताल शिक्षा

बाल फिल्म समारोह के दूसरे दिन बच्चों ने देखीं प्रेरणादायक फिल्में, पर्यावरण संरक्षण का लिया संदेश

Advertisement

बाल फिल्म समारोह के दूसरे दिन बच्चों ने देखीं प्रेरणादायक फिल्में, पर्यावरण संरक्षण का लिया संदेश

हल्दूचौड़। रचनात्मक शिक्षक मंडल की पहल पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास, हल्दूचौड़ में आयोजित दो दिवसीय बाल फिल्म समारोह के दूसरे दिन बच्चों ने बाल मनोविज्ञान, सामाजिक संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण पर आधारित देश-विदेश की चर्चित फिल्मों का आनंद लिया। फिल्मों के माध्यम से बच्चों को शिक्षा, मानवीय मूल्यों और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ फिल्म समारोह के संयोजक नवेंदु मठपाल ने भारतीय सिनेमा के इतिहास और बाल फिल्मों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए किया। उन्होंने कहा कि अच्छी फिल्में बच्चों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उनमें सामाजिक चेतना और रचनात्मक सोच विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं।

समारोह में सबसे पहले इकतारा समूह की चर्चित फिल्म ‘चंदा के जूते’ प्रदर्शित की गई। फिल्म एक गरीब परिवार की बच्ची की कहानी पर आधारित है, जिसे ऐसे विद्यालय में प्रवेश मिलता है जहां जूते पहनना अनिवार्य है। आर्थिक अभाव और शिक्षा व्यवस्था की विसंगतियों को संवेदनशील ढंग से प्रस्तुत करती इस फिल्म ने बच्चों को गहराई से प्रभावित किया।

इसके बाद बच्चों ने ईरानी फिल्मकार माजिद मजीदी की विश्व प्रसिद्ध फिल्म ‘चिल्ड्रन ऑफ हेवन’ देखी। भाई-बहन के प्रेम, संघर्ष और त्याग पर आधारित इस फिल्म में एक गरीब बालक अपनी बहन के खोए हुए जूतों की भरपाई के लिए दौड़ प्रतियोगिता में तीसरा स्थान हासिल करने का प्रयास करता है, क्योंकि तीसरे पुरस्कार में जूतों की नई जोड़ी मिलती है। यह फिल्म ऑस्कर पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा फिल्म की श्रेणी में नामांकित होने वाली पहली ईरानी फिल्म रही है।

बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से प्रसिद्ध फिल्मकार क्रिस जॉर्डन की डॉक्यूमेंट्री ‘अल्बाट्रॉस’ भी दिखाई गई। फिल्म में समुद्र में फैले प्लास्टिक कचरे के कारण अल्बाट्रॉस पक्षियों और उनके बच्चों की दर्दनाक स्थिति को दर्शाया गया। इसमें बताया गया कि प्लास्टिक को भोजन समझकर चूजों को खिलाने से उनकी मौत हो जाती है। फिल्म ने बच्चों को प्लास्टिक प्रदूषण के गंभीर दुष्परिणामों से अवगत कराया और पर्यावरण संरक्षण का मजबूत संदेश दिया।

फिल्म प्रदर्शन के बाद बच्चों ने फिल्मों से मिली सीख पर चर्चा करते हुए स्वच्छ पर्यावरण और सामाजिक संवेदनशीलता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर छात्रावास वार्डन हिमांशु पांडे, कार्यालय प्रभारी कैलाश चंद्र सिंह, महेश चंद्र, मोहित सिंह, चंद्र प्रकाश, करन कुमार, विजय मलवाल, जय सिंह, भावना मेहता, मंजू मिश्रा, ममता शर्मा सहित अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement