
21 किमी दौड़ इस स्वरूप में आखिरी बार होगी आयोजित, देशभर से पहुंचेंगे धावक; स्थानीय प्रतिभागियों के लिए 500 रुपये पंजीकरण शुल्क
नैनीताल। पर्यटन नगरी नैनीताल में खेल और फिटनेस को बढ़ावा देने वाली प्रतिष्ठित माउंटेन मानसून मैराथन के 15वें संस्करण को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रतियोगिता के आयोजन को लेकर आयोजक संस्था रन टू लिव की ओर से प्रेस वार्ता कर मैराथन की रूपरेखा, रूट, आयु वर्ग और पंजीकरण संबंधी जानकारी साझा की गई।
आयोजकों ने बताया कि इस वर्ष प्रतियोगिता में उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा देश के अलग-अलग राज्यों से धावक हिस्सा लेने पहुंचेंगे। मैराथन में अलग-अलग आयु वर्गों को विशेष रूप से शामिल किया गया है। 40, 50 और 60 वर्ष से अधिक आयु के धावकों के लिए अलग-अलग श्रेणियां बनाई गई हैं, ताकि वरिष्ठ धावकों को भी अपनी क्षमता के अनुरूप प्रतिस्पर्धा का अवसर मिल सके। इसके साथ ही 10 किलोमीटर दौड़ में भी विभिन्न आयु वर्गों में मुकाबले आयोजित किए जाएंगे।
डीएसए मैदान से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरेगी दौड़
आयोजकों के अनुसार 21 किलोमीटर मैराथन डीएसए मैदान से शुरू होगी। धावक माल रोड, तल्लीताल चर्च, स्नो व्यू, टांकी बैंड, पंगोट रोड, बारापत्थर, अरविंदो आश्रम, एयार जंगल, शेरवुड कॉलेज, राजभवन और जिला कोर्ट होते हुए ठंडी सड़क से वापस डीएसए मैदान पहुंचेंगे। इस दौरान प्रतिभागियों को नैनीताल की पहाड़ी भौगोलिक परिस्थितियों और प्राकृतिक वातावरण के बीच दौड़ने का अनुभव मिलेगा।
अगले साल से 42 किलोमीटर की फुल मैराथन
प्रेस वार्ता में आयोजकों ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि इस वर्ष 21 किलोमीटर की दौड़ अपने मौजूदा स्वरूप में अंतिम बार आयोजित की जाएगी। अगले वर्ष से प्रतियोगिता को और बड़े स्तर पर ले जाने की तैयारी है। इसके तहत 21 किलोमीटर की जगह 42 किलोमीटर की फुल मैराथन आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है।
आयोजकों का कहना है कि 42 किलोमीटर की फुल मैराथन के आयोजन से नैनीताल की पहचान देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक प्रमुख माउंटेन रनिंग डेस्टिनेशन के रूप में मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
पिछले वर्ष 1500 से अधिक धावकों ने लिया था हिस्सा
गौरतलब है कि 2025 में आयोजित 14वीं माउंटेन मानसून मैराथन में 1500 से अधिक धावकों ने प्रतिभाग किया था। प्रतियोगिता को ‘रन फॉर उत्तराखंड’ थीम के साथ आयोजित किया गया था। देश के विभिन्न शहरों से आए धावकों के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के धावकों ने भी इसमें हिस्सा लिया था।
पिछली प्रतियोगिता में छोटे बच्चों को दौड़ और खेलों से जोड़ने के उद्देश्य से ‘रन फॉर फन’ का भी आयोजन किया गया था, जिसमें करीब 300 से अधिक बच्चों ने हिस्सा लिया था। प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न वर्गों के विजेताओं को पुरस्कार भी प्रदान किए गए थे।
आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभागियों को निशुल्क पंजीकरण
इस वर्ष स्थानीय प्रतिभागियों के लिए पंजीकरण शुल्क 500 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं आयोजकों ने आर्थिक रूप से कमजोर तथा पंजीकरण शुल्क देने में असमर्थ स्थानीय प्रतिभागियों के लिए निःशुल्क पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही है। इससे स्थानीय युवाओं और धावकों को प्रतियोगिता में अधिक संख्या में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
आयोजकों का कहना है कि माउंटेन मानसून मैराथन का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि युवाओं और आम लोगों को फिटनेस, दौड़ और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना भी है। साथ ही इस आयोजन के माध्यम से नैनीताल को माउंटेन रनिंग और एडवेंचर स्पोर्ट्स के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रेस वार्ता में हरीश तिवारी,सागर देवराड़ी, अजय साह, इंतखाब आलम, कमलेश तिवारी, साहिद रहमान ,धीरेंद्र भाकुनी , हसन रजा, मुदित जगाती, मोहित जगाती, मनीष साह, दिवांशु जोशी तथा वीरेंद्र साह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
