
हल्द्वानी, 25 अक्टूबर – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को निर्माणाधीन काठगोदाम-अमृतपुर बायपास का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने पर्यटन सीजन और वीकेंड के दौरान बढ़ने वाले यातायात दबाव को देखते हुए बायपास निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बायपास निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है और धन की कमी के कारण कार्य प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के साथ ही गुणवत्ता, समयबद्धता और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विशेष रूप से रोड कटिंग के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बाबा नीम करौली धाम आने वाले श्रद्धालुओं के साथ नैनीताल, रानीखेत, कौसानी, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और बागेश्वर जाने वाले पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या राज्य के पर्यटन के लिए सकारात्मक है, लेकिन इससे यातायात का दबाव भी बढ़ रहा है। अमृतपुर बायपास इस चुनौती से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि बायपास के निर्माण से हल्द्वानी-काठगोदाम क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा और पर्यटन सीजन व वीकेंड पर लगने वाले जाम से स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को राहत मिलेगी। राज्य सरकार बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, सुगम यातायात और मजबूत आधारभूत ढांचे के लिए लगातार काम कर रही है।
निर्माण की प्रगति पर भी लिया अपडेट
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त दीपक रावत ने मुख्यमंत्री को बायपास निर्माण की प्रगति की जानकारी दी। लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने बताया कि प्रथम चरण के लिए 175.40 लाख रुपये तथा द्वितीय चरण के लिए 469.59 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत हो चुकी है। वर्तमान में निर्माण कार्य की भौतिक प्रगति क्रमशः 15 और 14 प्रतिशत बताई गई।
काठगोदाम-अमृतपुर बायपास के तहत करीब 2 किलोमीटर तक सिंगल लेन पहाड़ कटान का कार्य पूरा हो चुका है। वहीं बायपास के लिए 75 मीटर स्पान स्टील पुल का निर्माण भी प्रगति पर है। पुल निर्माण के लिए 1177.93 लाख रुपये स्वीकृत हैं। इसकी वर्तमान भौतिक प्रगति करीब 10 प्रतिशत तथा वित्तीय प्रगति 7 प्रतिशत पूरी हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न हो और सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं।



















