
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भेंट किया ₹2,64,531 का चेक, विद्यार्थियों की संवेदनशील पहल ने दिया सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश
हल्द्वानी, 2 नवंबर। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में करुणा, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है। इसी उद्देश्य को साकार करते हुए आर्यमान विक्रम बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ लर्निंग, हल्द्वानी की मुख्य कार्यकारी छात्र परिषद ने नेपाल के बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए ₹2,64,531 की धनराशि एकत्र कर मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की।
छात्र परिषद की ओर से इस धनराशि का चेक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भेंट किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के हेड बॉय विनायक मेहरा, हेड गर्ल इशिका कंबोज और हाउस कैप्टन दिव्यांशी शर्मा मौजूद रहे। विद्यार्थियों ने विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रवेश मेहरा और ताइक्वांडो कोच कमलेश तिवारी की उपस्थिति में यह चेक मुख्यमंत्री को सौंपा।
विद्यार्थियों की इस पहल ने यह संदेश दिया कि आपदा की घड़ी में जरूरतमंदों की मदद के लिए उम्र नहीं, बल्कि संवेदनशील सोच और सेवा का भाव मायने रखता है। नेपाल के बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए सहायता राशि जुटाकर विद्यार्थियों ने सीमाओं से परे मानवीय संवेदनाओं और आपसी सहयोग की भावना को भी प्रदर्शित किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रवेश मेहरा ने छात्र परिषद की इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को सामाजिक सरोकारों से जुड़कर जरूरतमंदों की सहायता करते देखना बेहद सुखद है। इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों में करुणा, सहयोग, जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों को मजबूत करती हैं।
विद्यालय की यह पहल इस बात को रेखांकित करती है कि शिक्षा का असली महत्व विद्यार्थियों को अच्छे अंक और उपलब्धियां दिलाने के साथ-साथ उन्हें जिम्मेदार नागरिक और संवेदनशील इंसान बनाने में है। नेपाल के बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए विद्यार्थियों का यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायी संदेश है।



















