नैनीताल। 124वें श्री नंदा देवी महोत्सव 2026 की तैयारियों को लेकर श्री राम सेवक सभा भवन में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस वर्ष महोत्सव की थीम ‘संस्कार, संस्कृति एवं समृद्ध विरासत’ रखी गई है। महोत्सव में उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराओं और समृद्ध विरासत की भव्य झलक देखने को मिलेगी।
बैठक में महिलाओं से अपील की गई कि वे महोत्सव में कुमाऊंनी पारंपरिक परिधान पहनकर आएं तथा सोने के आभूषणों का प्रयोग न करें। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आभूषणों का कम से कम इस्तेमाल करने का अनुरोध किया गया।
महोत्सव 16 सितंबर से 23 सितंबर तक आयोजित होगा। बैठक को संबोधित करते हुए उप जिलाधिकारी नवाजिश खालिक ने अधिकारियों को सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महोत्सव में सीसीटीवी कैमरों के साथ सादी वर्दी में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी।
उन्होंने महोत्सव स्थल पर दुकानों की उचित व्यवस्था, मैदान को समतल करने और साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में हिल जात्रा को महोत्सव में प्रदर्शित करने तथा कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण किए जाने पर भी चर्चा हुई।
बैठक की अध्यक्षता मनोज साह ने की, जबकि संचालन प्रो. ललित तिवारी ने किया। पूर्व अध्यक्ष मुकेश जोशी ने स्वागत किया तथा महासचिव जगदीश बावड़ी ने महोत्सव की रूपरेखा प्रस्तुत की। बैठक को ईओ रोहिताश शर्मा एवं सीओ अंजना नेगी ने भी संबोधित किया।
इस दौरान विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, त्वरित कार्रवाई और महोत्सव की व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने पर चर्चा हुई। साथ ही उत्तराखंड की सांस्कृतिक एवं पारंपरिक विरासत के संरक्षण में युवाओं की भूमिका सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में रंजीत नेगी, कीर्ति आर्य, गिरिजा जोशी, एसएम गुरुरानी, दिनेश जोशी, पंकज कुमार, भास्कर जोशी, देवेंद्र सिंह नेगी, अंशुल ओझा, प्रियंक पांडे, अशोक साह, विमल चौधरी, ललित साह, भुवन बिष्ट, भीम सिंह कार्की, मोहित लाल साह, हरीश राणा, प्रदीप जेठी एवं दिनेश भट्ट सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
