90 युवा कवियों की आवाज से गूंजा अल्मोड़ा, ‘मेरा पहाड़, मेरा घर’ ने मंच पर बिखेरी संवेदनाओं की खुशबू
अल्मोड़ा। कविता की आधुनिक और प्रभावशाली प्रस्तुति शैली स्लैम पोएट्री के जरिए अल्मोड़ा के युवा कवियों ने अपनी भावनाओं, विचारों और सामाजिक सरोकारों को मंच पर जीवंत कर दिया। अल्मोड़ा लिटरेचर फेस्टिवल (ALF) के चतुर्थ संस्करण के तहत ग्रीन हिल्स ट्रस्ट की ओर से होटल शिखर के सभागार में आयोजित स्लैम पोएट्री प्रतियोगिता में शहर के विभिन्न विद्यालयों और कॉलेजों से करीब 90 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
प्रतियोगिता का विषय ‘मेरा पहाड़, मेरा घर’ रखा गया था। जूनियर वर्ग (कक्षा 8 से 12) और सीनियर वर्ग (कॉलेज विद्यार्थी) के प्रतिभागियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से पहाड़ की प्रकृति, संस्कृति, समाज, संवेदनाओं, सपनों, व्यक्तिगत अनुभवों और समकालीन मुद्दों को अपने-अपने अंदाज में प्रस्तुत किया। मंच पर युवा कवियों की सशक्त प्रस्तुति और आत्मविश्वास ने सभागार में मौजूद श्रोताओं को प्रभावित किया और हर प्रस्तुति के बाद तालियों की गूंज सुनाई दी।
90 विद्यार्थियों की कविताएं पुस्तक में होंगी संकलित
आयोजन की सबसे खास उपलब्धि यह रही कि प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले सभी 90 विद्यार्थियों की कविताओं को एक पुस्तक में संकलित किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों की रचनात्मक अभिव्यक्ति को स्थायी साहित्यिक दस्तावेज का रूप मिलेगा। मंच पर कही गई उनकी कविताएं अब पुस्तक के पन्नों तक पहुंचकर आने वाले समय में उनकी साहित्यिक यात्रा की यादगार बनेंगी।
जूनियर वर्ग में सौम्या जोशी प्रथम
प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा के दौरान जूनियर वर्ग में जीआईसी की सौम्या जोशी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। शारदा पब्लिक स्कूल के वंश त्रिपाठी ने द्वितीय और बियर शिबा पब्लिक स्कूल के लक्ष्य जोशी ने तृतीय स्थान हासिल किया।
जूनियर वर्ग में अन्य शीर्ष प्रतिभागियों में कविता मिश्रा (आर्य कन्या), ललित मेहता (महर्षि विद्या मंदिर), नयन दीप पंत (शारदा पब्लिक स्कूल), वैष्णवी जोशी (जीजीआईसी), प्रतीक बिष्ट (मानस पब्लिक स्कूल), मेघा बिष्ट (जीआईसी) और सोनी बिष्ट (एडम्स स्कूल) शामिल रहे।
सीनियर वर्ग में हिमांशु जोशी प्रथम
सीनियर वर्ग में एसएसजे कैंपस के हिमांशु जोशी ने प्रथम तथा खुशी जोशी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। दोनों प्रतिभागियों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति और सशक्त अभिव्यक्ति से निर्णायक मंडल को प्रभावित किया।
विषय-वस्तु और प्रस्तुति के आधार पर हुआ मूल्यांकन
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. अरुण कलखुड़िया, डॉ. आस्था नेगी, डॉ. पुरन जोशी और नीरज पंत शामिल रहे। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की कविताओं का मूल्यांकन विषय-वस्तु, भाषा, अभिव्यक्ति, प्रस्तुति और मंचीय प्रभाव के आधार पर किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक आशीष रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में प्रो. आराधना शुक्ला, सी.एल. वर्मा, डॉ. जे.सी. दुर्गापाल और धीरेन्द्र पांडे उपस्थित रहे।
‘कविता भावनाओं और विचारों को समाज तक पहुंचाने का माध्यम’
संस्था की अध्यक्ष डॉ. वसुधा पंत ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, निर्णायकों, प्रतिभागी विद्यार्थियों, विद्यालयों और आयोजन से जुड़े सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कविता केवल शब्दों की अभिव्यक्ति नहीं है, बल्कि यह भावनाओं, विचारों और संवेदनाओं को समाज तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों में कविता और साहित्य के प्रति बढ़ते लगाव को सुखद और आशाजनक बताया।
कार्यक्रम में ALF के सदस्य डॉ. दीपा गुप्ता, भूषण पांडे, दीपक जोशी, प्रो. एस.ए. हमीद, रचित पंत, मनोज गुप्ता, हर्षिता बिष्ट, शगुफ़्ता अंसारी, अशोक पंत, पी.सी. तिवारी और क्रांति जोशी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन मीनाक्षी पाठक ने किया।
आयोजन को सफल बनाने में स्वयंसेवकों हिमानी बनौला, साक्षी आगरी, अमन, श्रद्धा और प्रियंका ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
स्लैम पोएट्री का यह आयोजन विद्यार्थियों को अपनी बात, भावनाओं और विचारों को कविता के माध्यम से खुलकर व्यक्त करने का प्रभावी मंच साबित हुआ। ‘मेरा पहाड़, मेरा घर’ विषय पर लिखी गई इन रचनाओं में जहां पहाड़ से जुड़ाव और संवेदनाएं दिखाई दीं, वहीं युवाओं की सोच और बदलते समय के प्रति उनकी दृष्टि भी सामने आई। 90 युवा कवियों की कविताओं का पुस्तक में संकलन इस आयोजन को अल्मोड़ा के साहित्यिक परिदृश्य में एक यादगार पहल बनाएगा।
