खाद्य सुरक्षा पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, 17 मामलों में 3.45 लाख का जुर्माना
दूध-खोया में मिलावट से लेकर एक्सपायरी खाद्य सामग्री की बिक्री तक के मामले, एडीएम विवेक राय ने सुनवाई के बाद की कार्रवाई
हल्द्वानी, 15 अक्टूबर। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और आमजन के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में नैनीताल जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। न्याय निर्णयन अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) विवेक राय ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सुनवाई के बाद 17 मामलों में कुल 3 लाख 45 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
प्रशासन के अनुसार, इन मामलों में खाद्य कारोबार के लिए आवश्यक लाइसेंस या पंजीकरण नहीं होना, दूध और खोया में मिलावट अथवा खाद्य पदार्थों का अधोमानक पाया जाना, अवसान तिथि के बाद खाद्य सामग्री रखना और बेचना तथा गंदगी एवं अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों का निर्माण व बिक्री जैसे मामले शामिल हैं।
एक मामले में 75 हजार रुपये तक का जुर्माना
सुनवाई के बाद अलग-अलग मामलों में पांच हजार से लेकर 75 हजार रुपये तक का अर्थदंड लगाया गया। कुछ मामलों में एक ही कारोबारी के विरुद्ध अलग-अलग वादों में जुर्माना लगाया गया है। प्रशासन की ओर से जारी विवरण के अनुसार, सर्वाधिक जुर्माने की राशि 75 हजार रुपये रही।
अन्य मामलों में 30 हजार, 25 हजार, 20 हजार, 15 हजार और 10 हजार रुपये के साथ पांच हजार रुपये तक के अर्थदंड भी लगाए गए।
खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर कार्रवाई
अपर जिलाधिकारी विवेक राय के अनुसार, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत सुनवाई के उपरांत संबंधित पक्षों पर अर्थदंड आरोपित किया गया है। खाद्य पदार्थों के निर्माण और बिक्री में स्वच्छता की अनदेखी, निर्धारित गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन तथा नियमों के विपरीत खाद्य सामग्री का कारोबार उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना, खाद्य कारोबारियों को नियमों का पालन करने के लिए बाध्य करना और आमजन के स्वास्थ्य की रक्षा करना है।



















