नैनीताल। भवाली व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष नरेश पांडे से जुड़े चर्चित प्रकरण में शुक्रवार को नया घटनाक्रम सामने आया। मामले की पहली शिकायतकर्ता युवती को दूसरी शिकायतकर्ता की तहरीर के आधार पर गिरफ्तार किए जाने के बाद मेडिकल परीक्षण कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे 30 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी।
गौरतलब है कि नैनीताल के एक शिक्षण संस्थान में अध्ययनरत छात्रा ने नरेश पांडे पर शारीरिक शोषण, दबाव बनाकर गर्भपात कराने सहित कई गंभीर आरोप लगाते हुए मल्लीताल कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस मामले में नरेश पांडे की अग्रिम जमानत याचिका पहले निचली अदालत और बाद में उत्तराखंड हाईकोर्ट से भी खारिज हो चुकी थी, जिसके बाद वह फरार चल रहा था।
इसी बीच एक अन्य युवती ने नरेश पांडे और पहली शिकायतकर्ता युवती के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, शारीरिक शोषण और जबरन शारीरिक संबंध बनवाने जैसे आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मंगलवार देर रात नरेश पांडे को गिरफ्तार किया था। अगले दिन न्यायालय में पेशी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
दूसरी शिकायतकर्ता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने पहली शिकायतकर्ता युवती को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद शुक्रवार को उसे गिरफ्तार कर मेडिकल परीक्षण कराया गया और अदालत में पेश किया गया।
सुनवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि रंजन ने कहा कि आरोपी महिला इस मामले में स्वयं भी पीड़िता है तथा उसके विरुद्ध लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य फिलहाल प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। इसके बाद अदालत ने युवती को 30 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत प्रदान कर दी।
