नैनीताल

नैनीताल जू में ‘एक्सपर्ट टॉक’: मानव-वन्यजीव संघर्ष और जल संरक्षण पर विशेषज्ञों ने दिए सुझाव

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नैनीताल जू में वन्य प्राणी सप्ताह: विशेषज्ञों ने साझा किए मानव-वन्यजीव संघर्ष व संरक्षण के अनुभव, 216 छात्रों ने किया निशुल्क चिड़ियाघर का भ्रमण  

पद्मश्री अनूप साह व शेखर पाठक सहित पर्यावरणविदों ने किया जागरूक; जल संरक्षण, सर्प व बाघ पहचान पर हुआ विशेष ‘एक्सपर्ट टॉक’  

नैनीताल।

पंडित गोविंद बल्लभ पंत उच्च स्थलीय प्राणी उद्यान, नैनीताल में वन्य प्राणी सप्ताह 2026 के चौथे दिन ‘एक्सपर्ट टॉक’ (Expert Talk) कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। नैनीताल वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी व चिड़ियाघर के निदेशक आकाश गंगवार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम, जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण और जल संरक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार रखे। इस दौरान विभिन्न विद्यालयों के 216 विद्यार्थियों को नैनीताल प्राणी उद्यान का निःशुल्क भ्रमण भी कराया गया।  

दो सत्रों में विशेषज्ञों ने दिए व्याख्यान

प्रथम सत्र: सर्प, बाघ, जैव विविधता व रेस्क्यू ऑपरेशन पर चर्चा

कार्यक्रम के पहले सत्र में पश्चिमी वृत्त हल्द्वानी के वरिष्ठ बायोलॉजिस्ट प्रशांत कुमार ने विभिन्न प्रकार के सांपों की पहचान और विष के प्रकारों की जानकारी दी। वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. हिमांशु पांगती ने वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) के जरिए वन्यजीव रेस्क्यू ऑपरेशनों की प्रक्रिया साझा की।  

सेवानिवृत्त वन क्षेत्राधिकारी मनोज साह ने प्राणी उद्यान के प्रबंधन और रखरखाव की बारीकियों पर प्रकाश डाला। डीएसबी परिसर के वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. ललित तिवारी ने वर्ष 1992 के संयुक्त राष्ट्र मानव पर्यावरण सम्मेलन, सतत विकास और वर्तमान आपदाओं के कारणों को रेखांकित करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। वहीं, पशुपालन विभाग के सेवानिवृत्त अपर निदेशक डॉ. योगेश भारद्वाज ने बाघों की पहचान, उनकी प्रजातियों और बचाव में प्रयुक्त होने वाले उपकरणों की जानकारी दी।  

द्वितीय सत्र: हिमालयी पर्यावरण, जल संरक्षण व पक्षी दर्शन

दूसरे सत्र में अंतरराष्ट्रीय छायाकार पद्मश्री अनूप साह ने उत्तराखंड की पर्वत श्रृंखलाओं, स्थानीय वन्यजीवों और दुर्लभ वनस्पति प्रजातियों के संरक्षण पर अनुभव साझा किए। इतिहासकार व ‘पहाड़’ संस्था के संस्थापक पद्मश्री डॉ. शेखर पाठक ने वन्यजीवों से जुड़े अपने जीवन के संस्मरण साझा करते हुए प्रतिभागियों को प्रकृति से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।  

सत्र में स्थानीय सफलता की कहानियों के तहत शिप्रा कल्याण समिति के अध्यक्ष जगदीश नेगी ने प्लास्टिक की बोतलों और कचरे के उपयोग से सौंदर्यीकरण के उपाय बताए। ओखलकांडा के चंदन नयाल ने ग्रामीणों के सहयोग से चाल-खाल और पोखरों के निर्माण के जरिए जल संरक्षण के अपने अनुभव साझा किए। ओरिएंटल ट्रेल के संस्थापक अमित सांकल्य ने पक्षियों की चोंच के आधार पर पहचान और अंतरराष्ट्रीय परिंदों के हवाई मार्गों (Flyways) की रोचक जानकारी दी।  

150 प्रतिभागियों की रही मौजूदगी, कार्यक्रम का संचालन

कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और नैनीताल वन प्रभाग के विभिन्न वन क्षेत्रों से आए कुल 150 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। मंच का संचालन बायोलॉजिस्ट अनुज काण्डपाल ने किया, जबकि समापन पर उप प्रभागीय वनाधिकारी (मुख्यालय) ममता चंद ने सभी विशेषज्ञों और प्रतिभागियों का धन्यवाद व आभार व्यक्त किया।  नैनीताल जू में ‘एक्सपर्ट टॉक’: मानव-वन्यजीव संघर्ष और जल संरक्षण पर विशेषज्ञों ने दिए सुझाव नैनीताल जू में ‘एक्सपर्ट टॉक’: मानव-वन्यजीव संघर्ष और जल संरक्षण पर विशेषज्ञों ने दिए सुझाव नैनीताल जू में ‘एक्सपर्ट टॉक’: मानव-वन्यजीव संघर्ष और जल संरक्षण पर विशेषज्ञों ने दिए सुझाव नैनीताल जू में ‘एक्सपर्ट टॉक’: मानव-वन्यजीव संघर्ष और जल संरक्षण पर विशेषज्ञों ने दिए सुझाव

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