नैनीताल। दिल्ली के जंतर-मंतर से उत्तराखंड पुलिस के आरक्षी शेर सिंह का सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ परिक्षेत्र श्रीमती निवेदिता कुकरेती ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित आरक्षी वर्तमान में जनपद पिथौरागढ़ में तैनात है और 28 जून 2026 से बिना वैध अनुमति के ड्यूटी से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित चल रहा है
आईजी कुमाऊँ ने बताया कि अनधिकृत अनुपस्थिति को लेकर पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन आरक्षी ने कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया। इसके बाद 20 जुलाई 2026 को उसे निलंबित कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि संबंधित आरक्षी पूर्व में भी अपने पद का दुरुपयोग करने तथा संगठित अपराध से जुड़े एक मामले में आरोपी रह चुका है। हरिद्वार के कोतवाली गंगनहर में वर्ष 2025 में दर्ज भूमि कब्जा और धोखाधड़ी के मामले में उसे साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। करीब दो माह जेल में रहने के बाद उसे 7 नवंबर 2025 को उच्च न्यायालय, नैनीताल से जमानत मिली थी। इस प्रकरण में उसके विरुद्ध विभागीय जांच जारी है तथा सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई भी प्रक्रियाधीन है।
आईजी निवेदिता कुकरेती ने कहा कि जंतर-मंतर पर दिए गए अमर्यादित बयानों और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का भी गंभीरता से संज्ञान लिया गया है। इस मामले में विभागीय अनुशासन एवं वैधानिक प्रावधानों के तहत संबंधित आरक्षी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि अनुशासनहीनता, अमर्यादित टिप्पणी और सेवा नियमों के उल्लंघन को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
