नैनीताल में सीवर व्यवस्था बदहाल, खुले मैनहोल बने हादसों का खतरा; व्यापार मंडल ने दी आंदोलन की चेतावनी
नैनीताल। नगर में लंबे समय से बदहाल सीवर व्यवस्था और खुले मैनहोल को लेकर व्यापार मंडल मल्लीताल ने पेयजल संस्थान के अधिशासी अभियंता को पत्र भेजकर तत्काल सुधार की मांग की है। व्यापार मंडल ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
व्यापार मंडल मल्लीताल के महामंत्री त्रिभुवन फर्त्याल और अध्यक्ष किशन सिंह नेगी की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि नैनीताल की सीवर लाइनें काफी पुरानी हो चुकी हैं। वहीं, नगर की आबादी और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। नगर के विभिन्न आंतरिक संपर्क मार्गों पर सीसी मार्गों का निर्माण होने के चलते कई स्थानों पर सीवर के मैनहोल क्षतिग्रस्त अथवा दब गए हैं।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि कई स्थानों पर सीसी मार्ग निर्माण के दौरान मैनहोल के ऊपर अनावश्यक गड्ढे बन गए हैं, जो वाहनों के साथ ही पैदल राहगीरों के लिए भी दुर्घटना का खतरा बने हुए हैं। अंधेरे में इन गड्ढों के कारण राहगीरों के चोटिल होने की आशंका भी जताई गई है।
व्यापार मंडल ने यह भी कहा कि शहर के मुख्य मार्गों सहित आंतरिक सीसी मार्गों पर स्थित सीवर मैनहोल से ओवरफ्लो होकर सीवर का पानी नालियों के माध्यम से सीधे नैनी झील में पहुंच रहा है। इससे झील के प्रदूषित होने के साथ ही जलजनित रोगों का खतरा बढ़ने की बात कही गई है। पत्र में नगर की सीमा से लगे बेलुवाखान, ज्योलीकोट और सरियाताल क्षेत्र में सीवर पानी से उत्पन्न समस्याओं का भी उल्लेख किया गया है।
व्यापार मंडल ने कहा कि सीवर व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के संबंध में उच्च न्यायालय की ओर से भी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर व्यापारियों में नाराजगी है।
तत्काल मैनहोल दुरुस्त करने की मांग
व्यापार मंडल ने पेयजल संस्थान से नैनीताल नगर के मुख्य मार्गों के साथ-साथ सभी आंतरिक सीसी मार्गों पर स्थित सीवर मैनहोल की स्थिति का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार मरम्मत एवं सुधार कार्य कराने की मांग की है। साथ ही नए सीसी मार्गों के निर्माण के दौरान आवश्यकता के अनुरूप मैनहोल का निर्माण सुनिश्चित करने को कहा है।
व्यापार मंडल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल नैनीताल आंदोलन करने को विवश होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी पेयजल संस्थान नैनीताल की होगी।






