
नैनीताल। 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा जिला कार्यकारिणी सदस्य डॉ. भुवन चंद्र आर्य का नैनीताल विधानसभा क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। भीमताल ब्लॉक के गांवों से लेकर कुमाऊं विश्वविद्यालय और खुरपाताल तक हुए संवाद कार्यक्रमों में उन्होंने ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और श्रद्धालुओं से मुलाकात की।
भाजपा की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इन मुलाकातों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने डॉ. आर्य के प्रति भरोसा जताते हुए 2027 विधानसभा चुनाव में उनके समर्थन की बात कही। खासतौर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक-छात्रों और ग्रामीण क्षेत्रों में मिले समर्थन को डॉ. आर्य के जनसंपर्क अभियान के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
खूपी और भूमियाधार में डॉ. आर्य ने प्रमोद कुमार, कैलाश चंद्र, संजय कुमार, मुकेश चंद्र, गोपाल राम, ग्राम प्रधान मीनाक्षी टम्टा, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रमेश टम्टा, वीआर टम्टा, वर्मा देवी और गीता आर्या समेत स्थानीय लोगों से मुलाकात की। पाइंस में उन्होंने दिगंबर सिंह बिष्ट, राहुल कुमार और मनोज सिंह से संवाद किया।
कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के साथ बैठक में कमल जगाती, नवीन चंद्र, लोकेश शर्मा, इंदर कुमार, मनीष कुमार, चंद्र लता, मनीष साह, माधव साह, कैलाश साह, मनीष जोशी, विनोद जोशी, जगदीश सती और प्रदीप नौटियाल सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
विश्वविद्यालय परिसर में शिक्षकगण और छात्र-छात्राओं से बातचीत के दौरान शिक्षा, युवाओं के अवसर, विकास और आगामी योजनाओं पर चर्चा हुई। भाजपा के अनुसार, यहां मौजूद शिक्षकों और युवाओं ने भी 2027 में डॉ. आर्य के साथ खड़े रहने का भरोसा जताया।
वहीं मां मंसा देवी, खुरपाताल में पुरोहितों और श्रद्धालुओं से मुलाकात के दौरान क्षेत्र की समस्याओं और विकास कार्यों पर चर्चा हुई। भाजपा की ओर से यहां भी डॉ. आर्य को आगामी चुनाव में समर्थन मिलने का दावा किया गया है। इस दौरान दीपक कराकोटी, महेंद्र बिष्ट, दीपक, देवेश नेगी, हरेंद्र बिष्ट और कंबिल कनवाल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
लगातार हो रहे इन जनसंपर्क कार्यक्रमों में मिल रहे समर्थन के दावों ने नैनीताल विधानसभा में 2027 की चुनावी तस्वीर को लेकर राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। हालांकि, चुनाव अभी दूर है और अंतिम राजनीतिक तस्वीर आने वाले समय में जनसमर्थन और विभिन्न दलों की सक्रियता से ही स्पष्ट होगी।



















