नैनीताल। आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर नैनीताल विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। भाजपा जिला कार्यकारिणी सदस्य डॉ. भुवन चंद्र आर्य ने सोमवार को भीमताल ब्लॉक के विभिन्न गांवों, धार्मिक स्थलों और सामाजिक आयोजनों में पहुंचकर लोगों से मुलाकात की। उनके लगातार जनसंपर्क को नैनीताल विधानसभा से 2027 की संभावित चुनावी दावेदारी की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
डॉ. आर्य ने बेलवाखान और रूसी गांव में ग्रामीणों से जनसंपर्क कर केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार की विकास योजनाओं की जानकारी साझा की। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याएं और सुझाव भी सुने। यहां सुमित जोशी, सुरेश बिष्ट, विजय बिष्ट, भोला दत्त जोशी, वन पंचायत सरपंच लता चौहान, राजेंद्र सिंह और निर्मला रौतेला समेत अन्य लोगों से मुलाकात हुई।
इसके बाद डॉ. आर्य रूसी गांव स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर में आयोजित भंडारे में शामिल हुए और प्रसाद ग्रहण कर भक्तजनों से संवाद किया। उन्होंने धार्मिक आयोजन में शामिल लोगों से क्षेत्र के विभिन्न विषयों पर बातचीत की। इस दौरान राजेंद्र चौहान, योगेश बोरा, कमलेश चौहान, भुवन जोशी, दीपक, शंकर चौहान, पियूष, जीवन, राजेंद्र गढ़िया और वासु बोरा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
डॉ. आर्य ने खुर्पाताल स्थित मां मनसा देवी मंदिर में आयोजित भंडारे में भी पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। यहां उन्होंने पुरोहितों एवं भक्तजनों से मुलाकात की। इस दौरान भीमताल ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट, जितेंद्र राठौर, रतन गोस्वामी, जितेंद्र बिष्ट, हरीश पांडे, आराध्या, सुरेंद्र कनवाल, रविंद्र नेगी, मनोज कनवाल, पंकज बगड़वाल, पूरन सिंह, डूंगर सिंह, चिराग नौला, कृपाल सिंह, नरेंद्र कनवाल, भूपेंद्र सिंह, दीपक परिहार, दीपक पांडेय, कैलाश तिवारी, बालम मेहरा, भुवन तिवारी, सुरेश और जीवन सिंह समेत कई लोगों से मुलाकात हुई।
वहीं, उत्तराखंड से नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद दिनेश आर्य के प्रथम बार नैनीताल पहुंचने पर डॉ. भुवन चंद्र आर्य ने नैनीताल क्लब में उनका स्वागत किया। उन्होंने पुष्पगुच्छ भेंट करने के साथ शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया।
डॉ. भुवन आर्य के लगातार गांव-गांव संपर्क, धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में भागीदारी और स्थानीय लोगों से संवाद को नैनीताल विधानसभा सीट पर 2027 की चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा के भीतर विधानसभा टिकट को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है, लेकिन डॉ. आर्य की सक्रियता ने क्षेत्र में उनकी संभावित दावेदारी को चर्चा में ला दिया है।



















