धनतेरस पर सोना-चांदी के साथ झाड़ू और धनिया खरीदने का भी विशेष महत्व, शुक्र प्रदोष और हस्त नक्षत्र का महासंयोग
खबरी दाजू | नैनीताल, 4 नवंबर। इस वर्ष 6 नवंबर को धनतेरस का पर्व शुक्र प्रदोष और हस्त नक्षत्र के विशेष संयोग में मनाया जाएगा। इस शुभ अवसर पर सोना-चांदी के साथ झाड़ू और धनिया के बीज खरीदने की भी परंपरा है। ज्योतिषाचार्य पंडित प्रकाश जोशी (गेठिया, नैनीताल) ने धनतेरस के पूजा और खरीदारी के शुभ मुहूर्त की जानकारी दी।
पंडित जोशी के अनुसार शुक्रवार माता लक्ष्मी को समर्पित है, जबकि हस्त नक्षत्र का प्रतीक खुली हथेली है, जो कौशल, शक्ति और आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। इस दिन चंद्रदेव कन्या राशि में विराजमान रहेंगे। 6 नवंबर को सुबह 10:31 बजे त्रयोदशी तिथि प्रारंभ होगी और हस्त नक्षत्र 7 नवंबर को सुबह 4:43 बजे तक रहेगा।
शाम 6:02 से 7:57 बजे तक धनतेरस पूजा का मुहूर्त
उन्होंने बताया कि धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6:02 बजे से 7:57 बजे तक रहेगा। वहीं प्रदोष काल शाम 5:33 बजे से रात 8:09 बजे तक रहेगा। इस दौरान भगवान धन्वंतरि, भगवान कुबेर और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है।
सोना खरीदने का शुभ समय 7 नवंबर सुबह 6:37 बजे तक
पंडित जोशी के अनुसार सोना खरीदने का शुभ समय 6 नवंबर सुबह 10:30 बजे से 7 नवंबर सुबह 6:37 बजे तक रहेगा। धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने के साथ झाड़ू और धनिया के बीज खरीदने की भी परंपरा है। मान्यता है कि इन वस्तुओं की खरीदारी से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से धनतेरस पर शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान धन्वंतरि, कुबेर और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद लेने की अपील की।
ज्योतिषाचार्य पंडित प्रकाश जोशी
गेठिया, नैनीताल
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