हिमालयी बुग्यालों पर शोध के लिए डॉ. गिरीश चंद्र सिंह नेगी को ‘गिरी गंगा गौरव सम्मान’, कूटा ने दी बधाई
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान के पूर्व छात्र एवं मानसखंड साइंस सेंटर के एमिरेट्स साइंटिस्ट डॉ. गिरीश चंद्र सिंह नेगी को हिमालयी बुग्यालों पर उल्लेखनीय शोध कार्य के लिए ‘गिरी गंगा गौरव सम्मान’ से सम्मानित किए जाने पर कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कूटा) ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
बुग्याल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में डॉ. नेगी को यह सम्मान वन एवं पर्यावरण मंत्री सुबोध उनियाल, पर्यावरणविद् डॉ. अनिल जोशी तथा यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने प्रदान किया। हिमालयी बुग्यालों के संरक्षण, पर्यावरण एवं जैव विविधता के क्षेत्र में डॉ. नेगी के शोध कार्य को इस सम्मान के माध्यम से सराहा गया।
डॉ. नेगी पूर्व में गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान में वैज्ञानिक के पद पर कार्यरत रहे हैं। उन्होंने कुमाऊं विश्वविद्यालय से वनस्पति विज्ञान विषय में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उनके वैज्ञानिक योगदान का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके 85 शोध पत्र, 6 पुस्तकें तथा 41 पुस्तक अध्याय प्रकाशित हो चुके हैं।
कूटा अध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी ने कहा कि डॉ. नेगी ने हिमालयी पर्यावरण एवं बुग्यालों के संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण शोध कार्य कर विश्वविद्यालय एवं पूरे कुमाऊं क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने डॉ. नेगी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए सम्मान के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर डॉ. नीलू लोधियाल, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. युगल जोशी, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. कुबेर गिनती, डॉ. अनिल बिष्ट, डॉ. दीपिका गोस्वामी, डॉ. अशोक कुमार सहित एलुमनी सेल के डॉ. बी.एस. कालाकोटी, डॉ. एस.एस. सामंत, डॉ. ज्योति कांडपाल, डॉ. मीना पांडे तथा डॉ. रितेश साह ने भी डॉ. नेगी को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
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