नैनीताल। बरसात के मौसम में बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण सिजेरियन प्रसव की सुविधा प्रभावित हो गई है। अस्पताल में दो गायनोकॉलोजिस्ट के अवकाश पर होने से बीते एक सप्ताह से जटिल प्रसव वाली गर्भवती महिलाओं को उपचार के लिए हल्द्वानी रेफर किया जा रहा है।
जिला अस्पताल में गायनोकॉलोजिस्ट के तीन पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में डॉ. रुचि गुप्ता लंबे अवकाश पर हैं, जबकि डॉ. प्रेमा फर्कियाल मेडिकल अवकाश पर चल रही हैं। तीसरी गायनोकॉलोजिस्ट डॉ. द्रौपदी गर्ब्याल के पास प्रभारी प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक (पीएमएस) का अतिरिक्त प्रभार भी है। ऐसे में अस्पताल में सामान्य प्रसव तो हो रहे हैं, लेकिन सिजेरियन और अन्य जटिल प्रसव कराना संभव नहीं हो पा रहा है।
प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचीं महिलाओं और उनके परिजनों का कहना है कि बरसात के दौरान पहाड़ी मार्गों से 40 किलोमीटर दूर हल्द्वानी तक सफर करना जोखिम भरा होने के साथ-साथ आर्थिक बोझ भी बढ़ा रहा है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को तत्काल वैकल्पिक विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती करनी चाहिए।
प्रभारी पीएमएस डॉ. द्रौपदी गर्ब्याल ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी की जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) और उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। वैकल्पिक व्यवस्था के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि जल्द से जल्द सिजेरियन प्रसव की सुविधा सुचारु रूप से शुरू हो सके।
