जनहित नैनीताल

भूमियाधार के विद्यालयों के लिए ₹3.50 लाख स्वीकृत, सरिता आर्या बोलीं—सोशल मीडिया पोस्ट नहीं, पूरी तस्वीर देखें

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भूमियाधार के विद्यालयों के लिए ₹3.50 लाख स्वीकृत, सरिता आर्या बोलीं—सोशल मीडिया पोस्ट नहीं, पूरी तस्वीर देखें भूमियाधार के विद्यालयों के लिए ₹3.50 लाख स्वीकृत, सरिता आर्या बोलीं—सोशल मीडिया पोस्ट नहीं, पूरी तस्वीर देखेंभूमियाधार के स्कूलों को विधायक निधि से मिली ₹3.50 लाख की मदद, सरिता आर्या बोलीं—‘पूरी तस्वीर सामने रखकर करें मूल्यांकन’

नैनीताल। राजकीय विद्यालयों की समस्याओं को लेकर उठ रहे सवालों के बीच नैनीताल विधायक सरिता आर्या ने कहा कि विद्यालयों की वास्तविक स्थिति और सरकार से उपलब्ध कराई गई सहायता की पूरी जानकारी सामने रखना जरूरी है। उन्होंने बताया कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय भूमियाधार में शौचालय एवं कमरों की मरम्मत के लिए विधायक निधि से ₹2 लाख स्वीकृत किए गए हैं।

वहीं, राजकीय इंटर कॉलेज भूमियाधार के प्रधानाचार्य की मांग के आधार पर ₹1.50 लाख विधायक निधि से स्वीकृत किए गए। विधायक के अनुसार विद्यालय की मांग के अनुरूप विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की कार्रवाई भी की गई है।

सरिता आर्या ने कहा कि विद्यालयों की ओर से जो आवश्यकताएं लिखित रूप से सामने रखी गईं, उनके आधार पर विधायक निधि से धनराशि स्वीकृत कर कार्य एवं आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि यदि विद्यालयों में इसके अतिरिक्त भी भवन, कमरों, शौचालय, फर्नीचर, पेयजल, खेल सामग्री अथवा विद्यार्थियों से जुड़ी कोई अन्य समस्या है तो उसे उनके संज्ञान में लाया जाए, ताकि नियमानुसार उसके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

विधायक ने कहा कि भूमियाधार उनका अपना गांव है और यहां की जनता से उनका सीधा जुड़ाव है। उनकी प्राथमिकता राजनीति नहीं, बल्कि जनसेवा और क्षेत्र का विकास है। उन्होंने कहा कि किसी समस्या की जानकारी समय पर मिलने पर ही उसके समाधान के लिए समय रहते प्रयास किए जा सकते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि किसी एक तस्वीर या सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय मांग-पत्र, स्वीकृत धनराशि, किए गए कार्य और वर्तमान आवश्यकता—इन सभी पहलुओं को सामने रखकर ही विद्यालयों की स्थिति का मूल्यांकन किया जाना चाहिए।

सरिता आर्या ने कहा कि क्षेत्र की जनता अपनी समस्याएं सीधे उनके सामने रखे, ताकि उनके समाधान के लिए पूरी ताकत से प्रयास किया जा सके।

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