

नैनीताल। बाहरी जिलों और राज्यों से आने वाली बाइक व स्कूटर पर लगाए गए ₹100 प्रवेश शुल्क के विरोध में नैनीताल में आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए उनका पुतला फूंका और बाइक टोल का निर्णय तत्काल वापस लेने की मांग की।
विरोध अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक होता जा रहा है। मां नैना देवी व्यापार मंडल, अधिवक्ता समुदाय, विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ-साथ कांग्रेस ने भी नगर पालिका के इस फैसले का विरोध किया है। पूर्व नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अनुपम कबड़वाल ने दोपहिया वाहनों से टोल टैक्स वसूली के निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे आम जनता के हितों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि नगर पालिका को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए यह फैसला तत्काल वापस लेना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह निर्णय पर्यटन, स्थानीय व्यापार और आम लोगों के हितों के विपरीत है। उनका आरोप है कि प्रवेश शुल्क से नैनीताल आने वाले पर्यटकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, जिससे पर्यटन कारोबार भी प्रभावित हो सकता है।
नगर पालिका के भीतर भी इस फैसले को लेकर असंतोष सामने आया है। कई सभासदों ने आरोप लगाया कि बोर्ड बैठक से पहले ही प्रवेश शुल्क लागू करने का निर्णय ले लिया गया, जबकि इस विषय पर पहले निर्वाचित सदस्यों के बीच चर्चा होनी चाहिए थी। सभासदों ने निर्णय लेने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जताई।
वहीं नगर पालिका अध्यक्ष ने पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि किसी को इस निर्णय पर आपत्ति है तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए स्वतंत्र है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका कानूनी प्रक्रिया के तहत जो भी निर्णय होगा, उसका पालन करेगी।
बाइक टोल को लेकर शहर में लगातार बढ़ते विरोध के बीच राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। भाजपा, कांग्रेस, व्यापार मंडलों, अधिवक्ताओं और पालिका सभासदों के विरोध के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि नगर पालिका अपने फैसले पर कायम रहती है या जनदबाव के बीच इसमें बदलाव करती है।
