हल्द्वानी। आर्मी कैंट क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में पकड़ा गया एक व्यक्ति पुलिस की तकनीकी दक्षता और संवेदनशील कार्रवाई के चलते अपने परिवार तक पहुंचने में सफल हो गया। करीब चार माह से लापता मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक की पहचान हल्द्वानी पुलिस ने साइबर तकनीक की मदद से कर परिजनों से संपर्क स्थापित कराया।
सोमवार को आर्मी कैंट राजपुरा के प्रतिबंधित क्षेत्र में दीवार फांदकर प्रवेश करने पर सेना के जवानों ने एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया। नायब सूबेदार पी.सी. प्रधान के नेतृत्व में सेना के जवान उसे कोतवाली हल्द्वानी लेकर पहुंचे।
पूछताछ के दौरान व्यक्ति अपना नाम केवल इरफान बता सका और मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सभी आवश्यक जांच और गोपनीय एजेंसियों से समन्वय किया। अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी अमित कुमार के निर्देश पर व्यक्ति की फोटो नेटग्रिड के माध्यम से मिलान कराई गई।
साइबर तकनीक की मदद से उसकी पहचान इरफान (36 वर्ष), निवासी ग्राम सिगोही, थाना तुलसीपुर, जनपद बलरामपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। इसके बाद हल्द्वानी पुलिस ने डीसीआर बलरामपुर से संपर्क कर परिजनों तक सूचना पहुंचाई।
परिजनों ने बताया कि करीब साढ़े तीन से चार माह पहले इरफान इलाज के लिए गोरखपुर गया था, जहां से वह अचानक लापता हो गया था। काफी तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला था। हल्द्वानी पुलिस से सूचना मिलने पर परिवार ने राहत जताते हुए नैनीताल पुलिस का आभार व्यक्त किया और उसे लेने के लिए तत्काल हल्द्वानी रवाना होने की बात कही।
इस सराहनीय कार्य में वरिष्ठ उपनिरीक्षक रोहताश सिंह सागर तथा साइबर सेल के कांस्टेबल नरेन्द्र धामी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस के इस मानवीय और तकनीकी प्रयास की उच्चाधिकारियों ने भी सराहना की है।
