नैनीताल राजनीति

कोटाबाग में गांव-गांव पहुंचे डॉ. भुवन आर्य, किसानों से संवाद कर विकास योजनाओं की दी जानकारी

Advertisement

कोटाबाग में गांव-गांव पहुंचे डॉ. भुवन आर्य, किसानों से संवाद कर विकास योजनाओं की दी जानकारी कोटाबाग में गांव-गांव पहुंचे डॉ. भुवन आर्य, किसानों से संवाद कर विकास योजनाओं की दी जानकारी कोटाबाग में गांव-गांव पहुंचे डॉ. भुवन आर्य, किसानों से संवाद कर विकास योजनाओं की दी जानकारी कोटाबाग में गांव-गांव पहुंचे डॉ. भुवन आर्य, किसानों से संवाद कर विकास योजनाओं की दी जानकारी कोटाबाग में गांव-गांव पहुंचे डॉ. भुवन आर्य, किसानों से संवाद कर विकास योजनाओं की दी जानकारी कोटाबाग में गांव-गांव पहुंचे डॉ. भुवन आर्य, किसानों से संवाद कर विकास योजनाओं की दी जानकारी कोटाबाग में गांव-गांव पहुंचे डॉ. भुवन आर्य, किसानों से संवाद कर विकास योजनाओं की दी जानकारी कोटाबाग में गांव-गांव पहुंचे डॉ. भुवन आर्य, किसानों से संवाद कर विकास योजनाओं की दी जानकारी कोटाबाग में गांव-गांव पहुंचे डॉ. भुवन आर्य, किसानों से संवाद कर विकास योजनाओं की दी जानकारी कोटाबाग में गांव-गांव पहुंचे डॉ. भुवन आर्य, किसानों से संवाद कर विकास योजनाओं की दी जानकारी

दिन-रात मेहनत कर गांव-गांव पहुंच रहे डॉ. भुवन आर्य, किसानों और ग्रामीणों से सीधा संवाद

कोटाबाग। नैनीताल विधानसभा क्षेत्र में भाजपा जिला कार्यकारिणी सदस्य डॉ. भुवन चंद्र आर्य इन दिनों गांव-गांव पहुंचकर लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। ग्रामीणों के बीच उनकी सक्रियता लगातार बढ़ रही है। वह क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में पहुंचकर लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, जरूरतों और सुझावों को समझने के साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दे रहे हैं।

इसी क्रम में डॉ. आर्य ने कोटाबाग ब्लॉक की ग्रामसभा अमगढ़ी, बोहराकोट सिमली मल्ली, अमदोली और अमोठा का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों के घरों और खेतों तक पहुंचकर लोगों से आत्मीय मुलाकात की तथा क्षेत्र के विकास को लेकर चर्चा की।

अमगढ़ी में उन्होंने ग्राम प्रधान चंद्रशेखर दानी सहित गोधन सिंह बिष्ट, पदमा दत्त पांडे, उमेद सिंह रावत, राम दत्त नैनवाल, पूरन नैनवाल और विनोद नैनवाल से मुलाकात की। इस दौरान ग्रामीणों से स्थानीय समस्याओं और विकास की संभावनाओं को लेकर बातचीत की गई।

बोहराकोट सिमली मल्ली में डॉ. आर्य विशेष रूप से किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने खेतों में जाकर कृषकों से संवाद किया और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा बागवानी के लिए सब्सिडी पर उपलब्ध कराए जा रहे पॉलीहाउस के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों को आधुनिक कृषि और बागवानी से जुड़ी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान उन्होंने किसानों के साथ मटर की बुआई में भी सहभागिता की।

इस मौके पर चंद्र प्रकाश, जगदीश चंद्र, नीमा देवी, दीपा देवी, कु. हिमानी, ख्याली राम, भूपाल राम, केशव राम, जानकी देवी, पूनम आर्या और सुमित्रा देवी सहित कई किसानों एवं ग्रामीणों से मुलाकात हुई।

अमदोली में डॉ. आर्य ग्राम प्रधान विनोद चंद्र जोशी के आवास पर पहुंचे और स्थानीय लोगों से मुलाकात कर क्षेत्र की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने कमला देवी, डिगर देव जोशी, हेम सती, ललित सती, भुवन सती, चंद्र पाल सती, हंसी देवी, ईश्वरी दत्त पांडे, भावना पांडे, गिरिश पांडे, गीता गोस्वामी, ललित चंद्र, कपिल चंद्र और अनीता रावत सहित अन्य ग्रामीणों से संवाद किया।

वहीं अमोठा में भी उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी बात सुनी। यहां मनोज कुमार, शोभा देवी, मुन्नी देवी, अम्बे राम, बची राम, दीपा देवी, चंदा, जगदीश आर्य और ललित मोहन सहित अन्य ग्रामीणों से उन्होंने संवाद किया।

ग्रामीण विकास और किसानों की मजबूती पर जोर

डॉ. भुवन चंद्र आर्य ने कहा कि गांवों का विकास केवल योजनाएं बनाने से नहीं, बल्कि जनता के बीच पहुंचकर उनकी वास्तविक जरूरतों को समझने और समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयास करने से संभव है। उनका प्रयास है कि सरकारी योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि किसान मजबूत होगा तो गांव मजबूत होगा और गांव मजबूत होगा तो क्षेत्र का भविष्य भी मजबूत होगा। कृषि, बागवानी, स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण युवाओं और किसानों के लिए नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं।

डॉ. आर्य ने कहा कि क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए गांवों में लगातार जनसंपर्क, संवाद और विकास कार्यों की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं और सुझावों को प्राथमिकता के साथ संबंधित स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार उनकी सक्रियता को लेकर स्थानीय लोगों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। गांवों की चौपाल से लेकर खेतों तक पहुंचकर किसानों और ग्रामीणों से सीधे संवाद की यह पहल जनता और जनप्रतिनिधित्व के बीच मजबूत संपर्क की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement