नैनीताल में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बड़ा निर्णय, सभी शिक्षण संस्थानों में मनोवैज्ञानिक काउंसलर नियुक्त करने के निर्देश
डीएम ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में मानसिक स्वास्थ्य टास्क फोर्स की बैठक, स्कूल-कॉलेजों में टोल फ्री नंबर प्रदर्शित करना भी होगा अनिवार्य
नैनीताल, 29 जुलाई।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय मानसिक स्वास्थ्य टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यार्थियों एवं आमजन के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद के सभी कॉलेज, विश्वविद्यालय, माध्यमिक एवं प्राथमिक विद्यालयों में मनोवैज्ञानिक काउंसलर नियुक्त किए जाएं। उन्होंने कहा कि समाज का प्रत्येक व्यक्ति बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के साथ कार्य करे और सकारात्मक योगदान दे, यह प्रशासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में विद्यार्थियों की काउंसलिंग कराई जाए तथा वर्ष में कम से कम दो बार नियमित काउंसलिंग आयोजित की जाए। इसके लिए मुख्य चिकित्साधिकारी से समन्वय स्थापित किया जा सकता है। साथ ही सभी शिक्षण संस्थानों एवं कोचिंग सेंटरों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता से जुड़े टोल फ्री नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।
बैठक में ‘उम्मीद’ एवं ‘मनोदर्पण’ कार्यक्रमों को जनपद में प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी चर्चा की गई। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या के लिए टोल फ्री नंबर 14416 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त की जा सकती है।
बैठक में सदस्य सचिव एवं प्रभारी कुलसचिव राकेश कुमार ने मानसिक स्वास्थ्य टास्क फोर्स की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रश्मि पंत, प्रोफेसर ललित तिवारी, डॉ. चमन कुमार, आर.एस. नेगी, अंजना नेगी, विश्वनाथ गौतम, अनुलेखा बिष्ट, महिमा भट्ट, डॉ. संदीप, डॉ. जी.एस. धर्मशक्तू, कैलाश जोशी, देवेंद्र साह सहित अन्य अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने अपने सुझाव और विचार रखे।
