जनहित नैनीताल

कैंची धाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, पहाड़ की सड़कें जाम; नयना देवी व्यापार मंडल ने सरकार से मांगा स्थायी समाधान

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नैनीताल, 4 अक्टूबर। कैंची धाम में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ रही भीड़ और इसके चलते कुमाऊं के विभिन्न मार्गों पर बढ़ते यातायात दबाव को लेकर मां नैना देवी नैनीताल व्यापार मंडल ने चिंता जताई है। व्यापार मंडल ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में स्थानीय निवासियों, पर्यटकों और अन्य यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

व्यापार मंडल अध्यक्ष पुनीत टंडन ने कहा कि इसके लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराने के बजाय सरकार के स्तर पर कैंची धाम को लेकर स्पष्ट और दीर्घकालिक नीति तैयार किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए यातायात, पार्किंग और सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था को व्यापक स्तर पर मजबूत करना होगा।

उन्होंने सरकार से सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने, दिल्ली-काठगोदाम समेत अन्य शहरों से रेल सेवाओं का विस्तार करने, वंदे भारत जैसी ट्रेनों के संचालन तथा हवाई संपर्क को मजबूत करने की मांग की। उनका कहना है कि इससे पहाड़ी मार्गों पर निजी वाहनों का दबाव कम किया जा सकेगा।

पुनीत टंडन ने कहा कि जब तक पर्याप्त आधारभूत सुविधाएं विकसित नहीं हो जातीं, तब तक सीमित पंजीकरण के माध्यम से श्रद्धालुओं की संख्या नियंत्रित करने पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कैंची धाम की बढ़ती लोकप्रियता के बीच हर मंगलवार और शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से सीमित सड़क और पार्किंग क्षमता पर दबाव बढ़ रहा है।

व्यापार मंडल ने सुबह से रात तक वाहनों की आवाजाही रोकने की व्यवस्था को स्थायी समाधान के बजाय यातायात प्रबंधन की वैकल्पिक व्यवस्था विकसित करने की जरूरत बताई। मंडल का कहना है कि ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों, पर्यटकों और आवश्यक सेवाओं का आवागमन भी प्रभावित न हो।

सशक्त समिति गठित करने की मांग

व्यापार मंडल अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार से कैंची धाम को लेकर जल्द नीतिगत रूपरेखा तैयार करने तथा उच्च अधिकारियों और संबंधित हितधारकों की सशक्त समिति गठित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि समिति यातायात, पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन, श्रद्धालु प्रबंधन और आधारभूत सुविधाओं को लेकर दीर्घकालिक योजना तैयार करे।

पुनीत टंडन ने कहा कि जब तक व्यवस्थाएं पर्याप्त रूप से मजबूत नहीं होतीं, तब तक श्रद्धालुओं की संख्या को नियंत्रित करने के विकल्प पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो इसका असर स्थानीय निवासियों, पर्यटकों और पूरे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था पर पड़ सकता है।

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