ब्रह्ममुहूर्त में खुले मां नन्दा-सुनन्दा के कपाट, देर रात से उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में आयोजित 124वें श्री नन्दा देवी महोत्सव के तहत शनिवार को ब्रह्ममुहूर्त में विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के अनुसार मां नन्दा-सुनन्दा की पूजा-अर्चना की गई। पूजा संपन्न होने के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही मंदिर परिसर में भक्तों की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा था।
मां नन्दा-सुनन्दा के दर्शन के लिए रात करीब एक बजे से ही श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना शुरू हो गया था। सुबह होते-होते भक्तों की संख्या लगातार बढ़ती गई और मंदिर के भीतर-बाहर लंबी कतारें लग गईं। श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते हुए मां नन्दा-सुनन्दा के जयकारे लगाते नजर आए।
मंदिर परिसर में निर्धारित धार्मिक परंपराओं के अनुसार पंडित भगवती प्रसाद जोशी ने पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां नन्दा-सुनन्दा की आराधना की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
महोत्सव के दौरान मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ बनी रही। स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे भक्त भी दर्शन के लिए कतार में खड़े दिखाई दिए। श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए मंदिर परिसर के आसपास आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं।
महोत्सव के अध्यक्ष मनोज साह ने बताया कि महोत्सव के धार्मिक कार्यक्रम परंपरागत रूप से आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 21 सितंबर को महाभंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद और भोजन की व्यवस्था रहेगी।
मां नन्दा-सुनन्दा के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था के चलते महोत्सव के दौरान नैनीताल पूरी तरह धार्मिक रंग में रंगा हुआ है। मंदिर परिसर में लगातार भक्तों की आवाजाही बनी हुई है और मां के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
खबरी दाजू | KhabriDaju.com
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